फरीदाबाद। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-1) के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसी कड़ी में निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन की जांच की गई। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी मिलने पर 25 निर्माण साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग के अनुसार, इन निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्री खुले में पड़ी मिली। कई जगहों पर सामग्री को ढकने की उचित व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने और अन्य जरूरी उपायों का भी अभाव पाया गया। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल आसपास के वातावरण में प्रदूषण बढ़ा सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत निर्माण सामग्री को ढककर रखना, धूल फैलने से रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव करना और साइट पर जरूरी नियंत्रण उपाय अपनाना शामिल है। नियमों की अनदेखी करने वाले निर्माण स्थलों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
PM-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
शहर में वायु गुणवत्ता की स्थिति का अंदाजा सोमवार को दर्ज किए गए PM-10 के स्तर से लगाया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में PM-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल प्रदूषण की समस्या को और बढ़ा सकती है।
GRAP-1 के तहत निर्माण और अन्य गतिविधियों में धूल नियंत्रण के उपाय अपनाना जरूरी है। खुले में निर्माण सामग्री रखने और पानी का छिड़काव नहीं करने जैसी लापरवाही से आसपास के क्षेत्रों में धूल फैलने का खतरा रहता है।
25 साइटों को नोटिस जारी होने के बाद अब संबंधित निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, नोटिस के बाद की गई कार्रवाई और निर्माण स्थलों की ओर से दिए गए जवाबों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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