फर्जी बोर्ड के प्रमाण पत्र से दाखिले के मामले में आकाश को जमानत, कोर्ट ने रखी 5 पौधे लगाने की शर्त

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Sonipat Court

सोनीपत। फर्जी ओपन स्कूलिंग बोर्ड का दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र जमा कर उच्च कक्षा में दाखिला लेने के करीब चार साल पुराने मामले में सोनीपत की जिला सत्र अदालत ने आरोपी आकाश को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने जमानत देते हुए पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक विशेष शर्त भी लगाई है। इसके तहत आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर पांच स्वदेशी पौधे लगाने और अगले दो साल तक उनकी देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत ने जमानत के आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी को पौधे लगाने के बाद उनकी तस्वीरें प्रमाण के तौर पर अगली सुनवाई से पहले अदालत में जमा करानी होंगी। इस शर्त का उद्देश्य जमानत की प्रक्रिया के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देना है।

मामले में अदालत ने आरोपी के पक्ष में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया। अदालत ने पाया कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है और उसका कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। इसके अलावा, मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को आगे भी हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं मानी गई।

इन्हीं आधारों पर अदालत ने आकाश को नियमित जमानत देने का फैसला सुनाया। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

अदालत की ओर से लगाई गई पौधारोपण की शर्त इस मामले को खास बनाती है। इसमें आरोपी को केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। दो साल तक पौधों की देखभाल करने और निर्धारित समय में तस्वीरें जमा कराने की शर्त के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

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