हरियाणा। प्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम में बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 391 दर्ज किया गया। प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नवजात बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
खराब हवा का सबसे अधिक प्रभाव नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। प्रदूषित हवा में बाहर निकलने से इन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। कई इलाकों में सुबह और शाम के समय हवा की गुणवत्ता और खराब होने से लोगों को दैनिक गतिविधियों में भी दिक्कत हो रही है।
गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में ऑफिस के लिए नए निर्देश
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने कामकाज के तरीके में बदलाव के निर्देश दिए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने के आदेश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है।
रोहतक में 28 कंपनियों को NGT का नोटिस
प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन को लेकर रोहतक में भी कार्रवाई की गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में 28 कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इससे औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
14 नवंबर को बारिश से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के अनुसार, 10 नवंबर तक प्रदेश में मौसम खुश्क रहने की संभावना है। वहीं, 14 नवंबर को बारिश होने का अनुमान जताया गया है। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद हवा में मौजूद प्रदूषक कणों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, प्रदूषण से कितनी राहत मिलेगी, यह बारिश की मात्रा और हवा की गति पर निर्भर करेगा।
फिलहाल लोगों को अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचने और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा सांस के मरीजों की सावधानीपूर्वक देखभाल करने की जरूरत है।
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