दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और बढ़ता वायु प्रदूषण गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। थोड़ी सी लापरवाही मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल सकती है। इसे देखते हुए डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को पटाखों से दूरी बनाए रखने और प्रदूषित हवा में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
पटाखों के धुएं को न करें नजरअंदाज
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सबिता कुमारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से पूरी तरह बचना चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं और जहरीले कण आसपास की हवा को प्रदूषित करते हैं। ऐसे वातावरण में अधिक समय तक रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
गर्भवती महिलाएं बरतें विशेष सावधानी
डॉक्टरों की सलाह है कि गर्भवती महिलाएं पटाखे जलाने और उनके धुएं के संपर्क में आने से बचें। प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और घर के अंदर भी धुएं को प्रवेश करने से रोकने का प्रयास करें।
दिवाली की खुशियां मनाते समय गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के साथ गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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