पराली को खाद में बदलकर करें उपज और मुनाफे में बढ़ोतरी: एसडीएम
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों को पराली को खेत में मिलाकर खाद के रूप में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे न केवल भूमि की उर्वरता में वृद्धि हो रही है बल्कि किसानों के लिए आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित हो रहे हैं। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कहा कि फसल अवशेष को खेत में मिलाने से मृदा में कार्बन और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे अगली फसलों की पैदावार में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा वैज्ञानिक अनुसंधान से साबित हुआ है कि खेत में पराली मिलाने से मृदा का पोषक चक्र मजबूत होता है और मृदा कार्बन का स्तर बढ़ता है, जिससे अगले फसलों की उपज में भी सुधार होता है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने उपमंडल के गांव कारखाना, हाट, रोजला, बिटानी,कुरड़, रामनगर, कलावती, खेड़ी, बागडू खुर्द, बागड़ू कलां तथा सिवाना माल समेत लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक किया।
एसडीएम ने बताया कि कई प्रगतिशील किसान अब फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर उर्वरक के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इस प्रक्रिया से न केवल प्रति वर्ष 3 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ फसल की पैदावार में वृद्धि हो रही है, बल्कि यूरिया की खपत भी कम होकर लागत में कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए किसानों को सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध कराई हैं और जो किसान पराली नहीं जलाते हैं, उन्हें सरकार की ओर से प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। एसडीएम ने किसानों से पराली न जलाने, स्टॉ मैनेजमेंट मशीनों का उपयोग करने और कृषि विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से फसल प्रबंधन को लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का आह्वान किया।
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