केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्थानीय पुलिस से जुटाई अहम जानकारी
लुधियाना। शहर को दहला देने वाले हेंड ग्रेनेड मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की औपचारिक एंट्री हो चुकी है। केंद्रीय एजेंसी की टीम ने लुधियाना पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से केस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित कीं। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे विदेशी हैंडलर्स की भूमिका का संदेह गहरा गया है, जिसके चलते केस को अब राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, NIA अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस टीम के साथ बैठक की और ग्रेनेड के स्रोत, इस्तेमाल हुए उपकरण, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा, घटना स्थल पर जुटाए गए फोरेंसिक नमूनों और CCTV फुटेज की भी समीक्षा की गई है।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह हमला किसी संगठित नेटवर्क की प्लानिंग का हिस्सा हो सकता है, जिसकी डोरें विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़ी हो सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में सक्रिय हुई विदेशी समर्थित गैंगस्टर-टेरर मॉड्यूल गतिविधियों को देखते हुए इस संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा।
NIA अब डिजिटल ट्रेल, फोन कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया इंटरैक्शन के जरिए संदिग्ध कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। स्थानीय पुलिस भी एजेंसी को सहयोग कर रही है, ताकि मामले का खुलासा जल्द से जल्द किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना को राज्य की शांति भंग करने की कोशिश बताया है। NIA अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला किसी बड़े षड्यंत्र की शुरुआत थी या फिर किसी मॉड्यूल की टेस्ट एक्टिविटी।
स्थानीय प्रशासन ने शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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