बोनस और सुविधाओं की मांग तेज
फतेहाबाद में रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा उबाल पर है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है और परिवहन विभाग की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकारी परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के बजाय निजी बस मालिकों को करोड़ों रुपये का लाभ दिया जा रहा है, जबकि विभाग में कार्यरत स्टाफ को उनके अधिकार तक नहीं मिल पा रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें बोनस, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं तक से वंचित रखा गया है। उनका दावा है कि निजी ऑपरेटरों को रूट परमिट, डीजल सब्सिडी और अन्य रियायतें देकर विभाग को कमजोर किया जा रहा है, जिससे सरकारी रोडवेज की आय घट रही है। कर्मचारियों ने इसे सीधी आर्थिक असमानता और पक्षपात करार दिया।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदर्शन और उग्र किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि रोडवेज हरियाणा की रीढ़ है, और उसके कर्मचारियों के साथ ही भेदभाव किया जा रहा है। हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से बोनस नहीं मिला, जबकि विभाग उनसे लगातार अतिरिक्त ड्यूटी की अपेक्षा करता है।
इधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। सरकार की ओर से जल्द वार्ता प्रस्ताव भेजा जा सकता है, ताकि सेवा प्रभावित न हों और समाधान जल्द निकले।
भूख हड़ताल के चलते बस स्टैंड क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण है। यात्रियों को भी असुविधा हो रही है, क्योंकि कर्मचारियों के आंदोलन से कई रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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