राजकीय कॉलेज में एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल, छात्रों ने सीखे आपदा प्रबंधन के गुर

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भूकंप की स्थिति का लाइव सिमुलेशन, बचाव तकनीकों का किया प्रदर्शन

• प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य व एनसीसी की संयुक्त सहभागिता

जींद : राजकीय महाविद्यालय में एनडीआरएफ टीम द्वारा भूकंप सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय अपनाए जाने वाले एहतियाती कदमों, बचाव तकनीकों और राहत कार्यों का व्यावहारिक ज्ञान विद्यार्थियों एवं स्टाफ तक पहुंचाना था। मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ टीम ने भूकंप की स्थिति को सृजित कर “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि झटके महसूस होने पर मजबूत मेज व डेस्क के नीचे जाकर सिर व गर्दन की सुरक्षा करना सबसे अहम उपाय है। इसके बाद भवन से बाहर निकलने, सीढ़ियों के सुरक्षित उपयोग व खुले स्थान में खड़े रहने की प्रैक्टिकल जानकारी दी गई।
ड्रिल में आपदा के बाद किए जाने वाले राहत व बचाव कार्यों का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ ने रेस्क्यू लैडर के उपयोग से ऊँचाई पर फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित नीचे लाने की तकनीक समझाई। साथ ही दरवाजा काटकर पीड़ितों को बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर के माध्यम से निकासी, भीड़ नियंत्रण तथा इमरजेंसी कॉल सिस्टम की प्रक्रिया भी सिखाई गई। फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस टीम ने समय पर पहुंचकर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को वास्तविक रूप में दर्शाया। कार्यक्रम में सीटीएम मोनिका रानी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है और यह मॉक ड्रिल जिला प्रशासन की तैयारियों का महत्वपूर्ण परीक्षण है। उन्होंने सभी विभागों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों के सहयोग की सराहना की।
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अनिल ने जिला प्रशासन व कॉलेज प्रबंधन द्वारा दिए गए सहयोग को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उनकी तैयारी सराहनीय रही।राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यवान मलिक ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित व सही निर्णय लेने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स व स्टाफ के प्रयासों की प्रशंसा की।
कॉलेज की ओर से नोडल ऑफिसर के रूप में एनसीसी एएनओ लेफ्टिनेंट पंकज बत्रा ने समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनसीसी कैडेट्स ने भीड़ नियंत्रण, निगरानी व निकासी में सक्रिय सहयोग दिया। इन गतिविधियों की मॉनिटरिंग डॉ. ज्योति लडवाल ने संभाली। राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयनारायण गहलावत, एनसीसी सीटीओ प्रियंका सहित कैडेट्स ने भी सहभागिता निभाई। इसके अलावा डॉ. भगवान दास, ऋतु (एनएसएस पीओ), अमन (रेड क्रॉस), सोनू सिहाग, मंजीत, शिव कुमार व पूनम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनडीआरएफ टीम के मार्गदर्शन में यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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