विदेशी शराब की काली सप्लाई चेन उजागर: समुद्र के रास्ते आती थी सस्ती बोतलें

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foreign alcohol smuggling

कस्टम ड्यूटी से बचने को बना तस्करी का नेटवर्क,

गुरुग्राम के ठेकों में बिकती थी अवैध विदेशी शराब;

कीमतें ऊंची, माल सबसे सस्ता

गुरुग्राम में अवैध विदेशी शराब के कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि तस्करों ने एक सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार यह शराब समुद्री मार्ग से भारत लाई जाती थी, ताकि कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके। बड़े कंटेनरों में सामान्य सामान की आड़ में महंगी विदेशी ब्रांड्स की बोतलें छिपाकर बंदरगाह तक पहुंचाई जाती थीं।

यहां से माल को अलग-अलग छोटे वाहनों में बांटकर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न ठिकानों तक भेजा जाता था। गुरुग्राम तस्करों का मुख्य लक्ष्य इसलिए बना क्योंकि शहर के शराब ठेकों में प्रीमियम ब्रांड्स की सबसे ज्यादा मांग रहती है और कीमतें भी अन्य शहरों की तुलना में अधिक होती हैं। ऐसे में सस्ती तस्करी वाली शराब को ऊंचे दामों में बेचकर मुनाफा कई गुना बढ़ जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर असली बोतलों पर नकली QR कोड और बारकोड लगाकर सप्लाई को वैध दिखाने की कोशिश करते थे। कई शराब ठेकेदार इस अवैध सप्लाई चेन से जुड़े पाए गए हैं, जिन पर एजेंसियां जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इसके जरिए करोड़ों रुपये की कस्टम ड्यूटी का नुकसान हो चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि महंगी विदेशी शराब पर लगने वाली भारी टैक्स ड्यूटी भी तस्करी को बढ़ावा देती है। गुरुग्राम जैसे हाई-एंड मार्केट में ग्राहक बिना जांच-पड़ताल किए ब्रांडेड शराब खरीद लेते हैं, जिससे ऐसे गिरोहों को बढ़ावा मिलता है।

फिलहाल पुलिस और एक्साइज विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर कई गोदामों पर छापेमारी की है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और तस्करी के बड़े सरगनाओं की तलाश जारी है। इस खुलासे ने शहर के शराब व्यापार में मची अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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