परिवहन विभाग की याचिका अस्वीकृत हुई
हरियाणा सरकार के लिए चंडीगढ़ कोर्ट से बड़ी कानूनी चुनौती सामने आई है। अदालत ने रिटायर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी दीपक को ACP (Assistant Commissioner of Police) से जुड़े लाभ का हकदार माना। इस मामले में परिवहन विभाग ने कोर्ट में अपील की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
दीपक लंबे समय तक हरियाणा रोडवेज में सेवा दे चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने ACP से जुड़े लाभों के लिए आवेदन किया, जिसे विभाग ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। अदालत ने मामले की पूरी जांच और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद निर्णय सुनाया कि दीपक को विभागीय लाभ दिए जाने चाहिए।
परिवहन विभाग की अपील खारिज होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि विभाग की तर्क और दलीलें पर्याप्त साबित नहीं हुईं। अदालत ने कहा कि रिटायर कर्मचारी को उसके सेवा काल और नियमों के आधार पर लाभ का पूरा हक दिया जाना चाहिए।
इस फैसले से राज्य सरकार और परिवहन विभाग के लिए सख्त संदेश गया है कि कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। अधिकारियों ने कहा कि इस फैसले के बाद ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं, जहां रिटायर कर्मचारियों को उनके कानूनी हक का भुगतान किया जाना बाकी था।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण मिसाल है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार सेवा से संबंधित लाभों का भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
दीपक के वकील ने कहा कि यह निर्णय अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है कि यदि उनका हक मारा जा रहा है तो वे अदालत का सहारा ले सकते हैं। वहीं, परिवहन विभाग ने कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि अब निर्देशानुसार लाभ भुगतान किया जाएगा।
![]()











