प्रशासन ने 20 फीट की खुदाई की रिपोर्ट तलब की है और खनन की वैधता पर सवाल उठे
हरियाणा के करनाल जिले में पंचायत की जमीन से खनन और मिट्टी बेचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले की पंचायत प्रशासन ने 57 एकड़ क्षेत्र में मिट्टी निकालने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव के अनुसार, जमीन से 20 फीट गहराई तक खुदाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी निकालने से जमीन की प्राकृतिक संरचना और जलभराव प्रभावित हो सकता है। साथ ही, पंचायत की भूमि का वृहद उपयोग बिना पर्यावरणीय और कानूनी मंजूरी के करना चिंताजनक है।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खनन के प्रस्ताव की रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में खुदाई की योजना, क्षेत्रफल, मिट्टी की मात्रा और संभावित पर्यावरणीय असर का विवरण मांगा गया है। वहीं, पंचायत अधिकारियों का कहना है कि यह योजना पंचायत की आमदनी बढ़ाने और स्थानीय विकास कार्यों के लिए उठाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के खनन कार्य में पारदर्शिता का होना अत्यंत जरूरी है। जमीन की वैधता, खनन की सीमा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित किए बिना खुदाई शुरू करना भविष्य में विवादों को जन्म दे सकता है।
स्थानीय लोग भी प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि योजना लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय ली जाए और पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए। रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायत और जिला प्रशासन खनन की अनुमति या रोक पर अंतिम फैसला लेंगे।
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