सदन में सत्तापक्ष का पलड़ा भारी, विपक्ष की रणनीति हुई बेअसर

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Haryana Assembly

अविश्वास प्रस्ताव गिरा, सीएम सैनी के जवाब से असहज हुई कांग्रेस,

समय बढ़ने पर किया बहिर्गमन

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज हो गया। सदन में हुए इस घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी के लंबे और आक्रामक भाषण ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह सत्तापक्ष के पक्ष में मोड़ दिया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं, जबकि विपक्ष को तीखे सवालों और जवाबों का सामना करना पड़ा।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े फैसलों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। सीएम के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक बार-बार मेज थपथपाकर समर्थन जताते नजर आए, जबकि कांग्रेस विधायक असहज दिखाई दिए।

चर्चा के दौरान जब सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाया गया, तो कांग्रेस विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर समय बढ़ाकर विपक्ष को बोलने का पूरा अवसर नहीं दे रही है। इसी नाराजगी के चलते कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष के बहिर्गमन के बाद सदन में मौजूद विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।

सत्तापक्ष का कहना है कि कांग्रेस के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं था, इसलिए वे बहाने बनाकर सदन छोड़कर चले गए। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने बहुमत के बल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से सरकार की स्थिति और मजबूत हुई है, जबकि कांग्रेस को रणनीतिक झटका लगा है। मुख्यमंत्री के भाषण को सत्ता पक्ष की बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव का गिरना न केवल सदन में बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों में भी असर डाल सकता है।

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