हरियाणा में CSIR-UGC NET पेपर केस में सरकारी कर्मचारी शामिल: कोचिंग संचालक मास्टरमाइंड
हरियाणा में CSIR-UGC NET परीक्षा पेपर लीक मामले में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। ताजा जांच में सामने आया है कि इस संगठित रैकेट में न केवल कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग बल्कि सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड एक कोचिंग संचालक है, जिसने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की साजिश रची।
जांच में पता चला है कि इस कोचिंग संचालक ने देश के 6 अलग-अलग राज्यों से छात्रों को हरियाणा बुलाया था। इन छात्रों को परीक्षा से पहले सुरक्षित ठिकानों पर रखा गया, जहां उन्हें कथित तौर पर लीक पेपर और उसके उत्तर रटवाए गए। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए 12 अभ्यर्थियों के माता-पिता शिक्षक हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सरकारी विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने गोपनीय सूचनाएं और तकनीकी मदद देकर इस रैकेट को मजबूत किया। परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाले इन कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Office) ने भी आधिकारिक ट्वीट जारी कर कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ट्वीट में स्पष्ट किया गया है कि पेपर लीक जैसे मामलों से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है और सरकार इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है।
पुलिस का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बना रहा था। अब एजेंसियां बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और कोचिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।
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