स्वदेशी मेले का समापन आज, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का उत्सव

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Panchkula fair

मंत्री की मौजूदगी और लोक कलाकार की प्रस्तुति के साथ मेले का अंतिम दिन खास

हरियाणा के पंचकूला में आयोजित स्वदेशी मेला आज अपने अंतिम दिन पर पहुंच गया है। बीते कई दिनों से चल रहा यह मेला न केवल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि हरियाणवी संस्कृति और पारंपरिक विरासत को भी मंच प्रदान कर रहा है। मेले के समापन अवसर को खास बनाने के लिए कई प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

आयोजकों के अनुसार, आज मेले में राज्य के कैबिनेट मंत्री गंगवा शिरकत करेंगे। उनकी उपस्थिति में मेले की गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा और स्वदेशी उद्यमों से जुड़े कारीगरों व स्वयं सहायता समूहों का उत्साहवर्धन किया जाएगा। मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मेले के अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध लोक कलाकार गजेंद्र फौगाट की प्रस्तुति रहेगी। उनकी हरियाणवी लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों को प्रदेश की पारंपरिक कला और लोकसंगीत की झलक देखने को मिलेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होकर समापन समारोह को यादगार बनाएंगे।

स्वदेशी मेले में देशभर से आए कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, आयुर्वेदिक उत्पाद, जैविक खाद्य सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके साथ ही हरियाणा की लोक विरासत को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसमें ग्रामीण जीवन, पारंपरिक औजार और लोक कला को दर्शाया गया है।

परिवारों और युवाओं के लिए मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ खानपान और मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का भी काम करते हैं।

आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे मेले के अंतिम दिन अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करें।

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