नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने संभाली मोर्चेबंदी

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Fatehabad anti-drug campaign

दिन में महिलाएं और रात में युवा करेंगे पहरा,

नशा तस्करों को पकड़कर सौंपेंगे पुलिस को

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में नशे के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब संगठित रूप लेता नजर आ रहा है। गांवों में नशा तस्करी और नशे की लत से युवाओं को बचाने के लिए ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालने का निर्णय लिया है। इसके तहत गांवों में ठीकरी पहरा लगाया जाएगा, जिसमें दिन के समय महिलाएं और रात के समय युवा निगरानी करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन नतीजे संतोषजनक नहीं रहे। इसी के चलते अब गांव स्तर पर ही सख्त कदम उठाने का फैसला लिया गया है।

योजना के अनुसार गांव के मुख्य रास्तों, गलियों और संदिग्ध इलाकों में निगरानी रखी जाएगी। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति नशा बेचते या सप्लाई करते हुए पकड़ा गया, तो उसे तुरंत काबू कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। ग्रामीणों ने साफ किया है कि वे कानून हाथ में नहीं लेंगे, बल्कि केवल निगरानी और सूचना देने की भूमिका निभाएंगे।

महिलाओं ने कहा कि दिन के समय वे गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखेंगी, जबकि रात के समय युवा टोली बनाकर पहरा देंगे। इससे बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नियंत्रण रहेगा और नशा तस्करों को गांव में घुसने से रोका जा सकेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस और समाज मिलकर काम करें, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि लोग नशे के खिलाफ जागरूक होकर सहयोग करेंगे तो अभियान को मजबूती मिलेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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