लेकर झज्जर से मजबूत संदेश, पर्यावरण संरक्षण पर राजनीतिक सहमति

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Geeta Bhukkal

अरावली से घटता है AQI, इसे बचाना पर्यावरण के लिए जरूरी: गीता भुक्कल

हरियाणा के झज्जर जिले से पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अहम बयान सामने आया है। झज्जर की विधायक गीता भुक्कल ने अरावली पर्वतमाला को स्वच्छ वातावरण के लिए बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि अरावली के कारण ही आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अपेक्षाकृत कम रहता है। उन्होंने अरावली को बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत किया है।

विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ियों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तर भारत के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। यह पर्वतमाला प्रदूषण को रोकने, धूल और जहरीली हवाओं को नियंत्रित करने तथा जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अरावली संरक्षित है, वहां हवा अपेक्षाकृत साफ रहती है और AQI का स्तर भी नियंत्रित रहता है।

उन्होंने चिंता जताई कि पिछले कुछ वर्षों में अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, अतिक्रमण और निर्माण गतिविधियों के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका सीधा असर हवा की गुणवत्ता, भूजल स्तर और जैव विविधता पर पड़ा है। गीता भुक्कल ने कहा कि यदि समय रहते अरावली को नहीं बचाया गया, तो आने वाले समय में प्रदूषण और जल संकट जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

विधायक ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली संरक्षण को लेकर दिए गए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय पर्यावरण के हित में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह रुख न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए मार्गदर्शक साबित होगा। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता नहीं किया जा सकता।

गीता भुक्कल ने राज्य सरकार और प्रशासन से अपील की कि अरावली क्षेत्र में सख्ती से नियम लागू किए जाएं। अवैध खनन और पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक लगे और बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ता प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है। ऐसे में अरावली जैसी प्राकृतिक संरचनाओं को बचाना जनस्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। यदि अरावली सुरक्षित रहेगी, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन मिलेगा।

अंत में विधायक ने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरावली संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समय है जब सभी राजनीतिक दल, प्रशासन और समाज मिलकर पर्यावरण को बचाने की दिशा में काम करें, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।

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