वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौत मामले में जांच तेज, कई अहम लोगों से लंबी पूछताछ

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Haryana IPS case

विशेष जांच दल के सामने अफसर और निजी व्यक्ति हुए रूबरू, प्रक्रिया अंतिम चरण में

हरियाणा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़े मामले में जांच अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। इस प्रकरण की पड़ताल कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने हाल ही में कई अहम व्यक्तियों को तलब किया और उनसे लगातार करीब दस घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान रोहतक जिले से जुड़े एक वरिष्ठ उपाधीक्षक, एक थाना प्रभारी और एक निजी ठेकेदार को टीम के समक्ष पेश होना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ का केंद्र उन घटनाक्रमों पर रहा जो अधिकारी की मृत्यु से पहले घटित हुए थे। जांच दल ने कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर सवाल किए। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि किन परिस्थितियों और दबावों के बीच वह स्थिति बनी, जिसने मामले को इतना गंभीर बना दिया।

इस पूछताछ को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले जांच में कई तथ्य सामने आ चुके हैं। एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की लापरवाही, मानसिक दबाव या बाहरी हस्तक्षेप तो कारण नहीं बना। ठेकेदार से जुड़े लेन-देन और संपर्कों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्य आपस में जोड़े जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान दर्ज बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि किसी भी विरोधाभास या छुपे हुए तथ्य को उजागर किया जा सके। बताया जा रहा है कि टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है।

प्रशासनिक हलकों में यह संकेत भी मिल रहे हैं कि जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है। इस मामले पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न केवल पुलिस महकमे बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से भी जुड़ा हुआ है। परिजनों और आम जनता को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने आएगी।

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