समय से पहले रवाना हुई शताब्दी, यात्रियों के गिरने पर दर्ज हुआ गंभीर केस
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ट्रेन के लोको पायलट के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि बिना किसी पूर्व घोषणा के ट्रेन को निर्धारित समय से पहले चला दिया गया, जिसके कारण प्लेटफॉर्म पर चढ़ रहे यात्री असंतुलित होकर नीचे गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के दरवाजों के पास कई यात्री खड़े थे और कुछ लोग अभी चढ़ ही रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रेन चल पड़ी। इससे अफरा-तफरी मच गई और कुछ यात्री प्लेटफॉर्म पर गिर गए। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यात्रियों को चोटें आईं और कुछ की जान बाल-बाल बच गई।
घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पीड़ितों का कहना है कि स्टेशन पर न तो कोई स्पष्ट घोषणा की गई और न ही कर्मचारियों ने यात्रियों को सतर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ट्रेन कुछ सेकेंड और चलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे पुलिस ने शिकायत के आधार पर लोको पायलट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों के बयान और ट्रेन संचालन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या सिग्नल और टाइमिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है।
रेलवे प्रशासन की ओर से भी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेन होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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