चार बहनों का अकेला भाई, चिट्टे की लत और हाईवे पर बिछाया गया जाल
हरियाणा और पंजाब में लंबे समय से सक्रिय हनीट्रैप गैंग के मास्टरमाइंड की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जांच में सामने आया है कि यह शख्स चार बहनों का इकलौता भाई है, जिसे परिवार ने बेहद लाड़-प्यार से पाला। शुरुआती जीवन सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे वह नशे की गिरफ्त में फंसता चला गया। खासकर चिट्टे की लत ने उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए उसने पहले छोटे-मोटे अपराध किए और फिर एक संगठित गिरोह खड़ा कर लिया। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जो बाद में उसकी गर्लफ्रेंड बनी और पूरे हनीट्रैप नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गई। दोनों ने मिलकर हाईवे को अपना शिकारगाह बनाया।
गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। युवती अकेले या मजबूर दिखने वाले लोगों से संपर्क करती, उनसे दोस्ती बढ़ाती और फिर किसी बहाने उन्हें सुनसान जगह पर बुलाया जाता। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचते और आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीरें बनाकर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता। कई मामलों में मारपीट और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग के तार हरियाणा के साथ-साथ पंजाब के कई जिलों से जुड़े हुए थे। आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आखिरकार उसे दबोच लिया गया।
पूछताछ में मास्टरमाइंड ने कबूल किया कि नशे की लत ने उसे इस दलदल में धकेला। आसान पैसों की चाह और अपराध की दुनिया में मिली पहचान ने उसे और गहराई तक फंसा दिया।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े सभी मामलों की दोबारा जांच की जा रही है। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और अनजान लोगों के झांसे में न आएं, ताकि ऐसे अपराधों से बचा जा सके।
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