रियल एस्टेट ठगी का खुलासा, निवेशकों के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया

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Yamunanagar fraud

आवासीय परियोजना का झांसा देकर रकम हड़पी, एक आरोपी फरार तो दो पर केस दर्ज

यमुनानगर में फ्लैट में निवेश का लालच देकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीरकपुर और मोहाली से जुड़े दो बिल्डरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। वहीं, इस प्रकरण में एक आरोपी को करनाल की अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने आकर्षक आवासीय परियोजना में फ्लैट दिलाने का वादा किया था। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए दस्तावेज, ब्रोशर और जल्द पजेशन के आश्वासन दिए गए। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई गई। लंबे समय तक न तो फ्लैट मिला और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।
जब पीड़ितों ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उनके कार्यालय बंद मिले और फोन कॉल्स का जवाब भी आना बंद हो गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस और अदालत का रुख किया। जांच के दौरान सामने आया कि एक आरोपी पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया से बच रहा है, जिसके चलते उसे भगोड़ा घोषित किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह एक संगठित रियल एस्टेट फ्रॉड का मामला प्रतीत हो रहा है। आरोपियों ने एक से अधिक लोगों को निशाना बनाकर बड़ी रकम जुटाई। अब पुलिस बैंक लेन-देन, संपत्ति रिकॉर्ड और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
इस मामले ने एक बार फिर रियल एस्टेट में निवेश को लेकर सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले परियोजना की वैधता, बिल्डर का रिकॉर्ड और सरकारी मंजूरी की जांच जरूरी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी कदम उठाया जाएगा।

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