रोहतक ASI आत्महत्या मामले में मानवीय पहल, पुलिस परिवार के साथ खड़ी

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Rohtak ASI suicide case

लाठर केस में सहयोग की मिसाल, पुलिसकर्मियों ने जुटाई बड़ी आर्थिक सहायता

रोहतक में ASI लाठर सुसाइड केस के बाद पुलिस विभाग की ओर से एक बड़ी मानवीय पहल सामने आई है। हरियाणा पुलिस कर्मियों ने आपसी सहयोग से दिवंगत ASI के परिवार के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद जुटाई है। यह राशि परिवार को संबल देने और भविष्य की चिंताओं को कम करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
जानकारी के अनुसार, ASI लाठर की आत्महत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। मामले ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद हरियाणा पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने स्वेच्छा से आर्थिक योगदान देने का फैसला किया। देखते ही देखते यह सहयोग राशि 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसे परिवार को सौंपा गया।
इससे पहले हरियाणा सरकार भी पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आ चुकी है। सरकार ने दिवंगत ASI की पत्नी को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी थी, ताकि परिवार की नियमित आय सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही अन्य सरकारी सहायता भी प्रदान की गई थी।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि संकट के समय पूरा विभाग अपने साथी और उसके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, ऐसे में कर्मचारियों के कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
परिवार की ओर से इस सहयोग के लिए हरियाणा पुलिस और सरकार का आभार जताया गया है। परिजनों का कहना है कि इस मदद से उन्हें न केवल आर्थिक सहारा मिला है, बल्कि यह भी महसूस हुआ है कि वे इस कठिन समय में अकेले नहीं हैं।
यह मामला एक बार फिर पुलिसकर्मियों के काम के दबाव और मानसिक तनाव के मुद्दे को सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से सीख लेते हुए विभाग को काउंसलिंग, तनाव प्रबंधन और सहयोगी माहौल को और मजबूत करना चाहिए।
कुल मिलाकर, ASI लाठर सुसाइड केस में पुलिस और सरकार की यह पहल संवेदनशीलता और एकजुटता की मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

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