पारंपरिक पर्व पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी, सांस्कृतिक रंग में रंगा आयोजन

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Kurukshetra-Lohri celebration

लोक उत्सव के मंच से नेतृत्व का संदेश, परंपरा और संकल्प का संगम

ऐतिहासिक नगरी में आयोजित पारंपरिक पर्व के कार्यक्रम में राज्य के मुखिया ने शिरकत कर माहौल को खास बना दिया। लोक संस्कृति से जुड़े इस उत्सव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया गया। कार्यक्रम स्थल पर लोकगीत, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक वेशभूषा ने आयोजन को जीवंत बना दिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पारंपरिक परिधान अपनाते हुए उत्सव में भाग लिया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ अग्नि में आहुति डालकर समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों का अभिवादन किया और प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उनका यह रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और कई लोगों ने इसे परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक पर्व समाज को जोड़ने का काम करते हैं और हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा लिए गए संकल्पों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उनके अनुसार, विकास और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलना ही शासन का उद्देश्य है।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्व का आनंद लिया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। आयोजन के अंत में पारंपरिक गीत-संगीत और सामूहिक उत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि जनसंपर्क और सामाजिक एकता का भी मजबूत संदेश देकर गया।

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