सुरक्षा जिम्मेदारी निभाने वाले पर ही लगा आरोप, रकम न मिलने पर पहुंचा मामला थाने
हरियाणा के सिरसा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी बैंक से जुड़े ईंधन खर्च में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। आरोप है कि बैंक में तैनात एक सुरक्षा कर्मचारी ने लंबे समय तक डीजल की हेराफेरी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामला तब सामने आया जब बैंक प्रबंधन ने ईंधन खपत के रिकॉर्ड की जांच की और आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया।
जानकारी के अनुसार, बैंक में जनरेटर संचालन के लिए नियमित रूप से डीजल की आपूर्ति की जाती थी। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित तौर पर 2.74 लाख रुपये मूल्य का डीजल धीरे-धीरे गायब कर दिया। शुरुआत में जब प्रबंधन को शक हुआ तो कर्मचारी से पूछताछ की गई। इस दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और नुकसान की भरपाई के लिए एक चेक भी सौंप दिया।
हालांकि, बैंक अधिकारियों का कहना है कि जब चेक को खाते में जमा कराया गया तो उसमें पर्याप्त राशि नहीं थी। कई दिन इंतजार और संपर्क के प्रयासों के बावजूद जब पैसा खाते में नहीं आया, तब बैंक प्रबंधन ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक के ईंधन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि डीजल की चोरी कब से और किस तरीके से की जा रही थी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था।
इस घटना ने निजी संस्थानों में आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ईंधन और अन्य संसाधनों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
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