बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, अंतरराज्यीय ठग गिरोह पर कसा शिकंजा

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करोड़ों की ठगी मामले में बड़ी सफलता, गिरोह के तीन और सदस्य दबोचे गए

रेवाड़ी में करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूर्व एचसीएस अधिकारी से 9.46 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में छह आरोपियों को काबू किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से पूर्व अधिकारी को निवेश और लाभ का झांसा दिया था। भरोसा जीतने के बाद चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम हड़प ली गई। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।

ताजा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं। पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने देश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह की कई और ठगी की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फर्जी दस्तावेज, नकली कंपनियों और बिचौलियों के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पैसे मिलने के बाद रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। पुलिस अब बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच कर रही है।

इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। साथ ही ठगी की गई राशि की रिकवरी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के निवेश या बड़े लेनदेन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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