नियुक्तियों का नया मॉडल: शिक्षा और पुलिस भर्ती के लिए बनेगी अलग एजेंसी
हरियाणा में सरकारी भर्तियों को लेकर लंबे समय से उठते सवालों के बीच सरकार एक बड़े सुधार की ओर बढ़ रही है। शिक्षा और पुलिस विभाग की भर्तियों के लिए अब एक विशेष एजेंसी गठित करने की तैयारी की जा रही है। यह सिफारिश राज्य सरकार को रेशनलाइजेशन कमीशन की ओर से की गई है, जिसमें भर्ती प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
कमीशन का मानना है कि शिक्षा और पुलिस जैसे संवेदनशील विभागों में भर्तियां सीधे तौर पर समाज और प्रशासन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग बोर्ड और विभाग भर्ती प्रक्रिया संचालित करते हैं, जिससे देरी, तकनीकी खामियां और विवाद की स्थिति बनती रही है। इसी को देखते हुए एक केंद्रीकृत और पेशेवर एजेंसी की जरूरत बताई गई है।
कमीशन ने स्पेशल एजेंसी के गठन के पीछे तीन मुख्य वजहें गिनाई हैं। पहली वजह है भर्तियों में पारदर्शिता और भरोसे की कमी, जिससे अक्सर परीक्षाओं पर सवाल खड़े होते हैं। दूसरी वजह प्रक्रिया में लगने वाला अत्यधिक समय है, जिससे युवाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। तीसरी वजह तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का अभाव बताया गया है, जिसके कारण परीक्षाएं रद्द होने या परिणामों में देरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
इसके साथ ही रेशनलाइजेशन कमीशन ने राज्य के करीब 20 विभागों के पुनर्गठन की भी सिफारिश की है। कमीशन का कहना है कि कई विभागों में कार्यों का दोहराव हो रहा है, जिससे संसाधनों की बर्बादी और निर्णय प्रक्रिया में सुस्ती आती है। पुनर्गठन से प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इन सिफारिशों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में शिक्षा और पुलिस भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह नए ढांचे के तहत संचालित होगी। इससे न केवल युवाओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि राज्य की भर्ती प्रणाली भी एक मिसाल बन सकती है।
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