गंदगी और कचरा उठान न होने से नाराज महिलाओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
यमुनानगर शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था के विरोध में महिलाओं का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। विभिन्न कॉलोनियों से जुटीं महिलाओं ने नगर में सफाई न होने, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने और बदबू से परेशान हालात के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि कई दिनों से कचरा नहीं उठाया जा रहा है, नालियां जाम हैं और बरसात या हल्की नमी के बाद हालात और बदतर हो जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण का खतरा बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम और प्रशासन की अनदेखी के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि महिलाओं ने भाजपा नेताओं की “गुमशुदगी” के पोस्टर लगाकर विरोध जताया। पोस्टरों में लिखा गया कि चुनाव के समय दिखाई देने वाले नेता अब जनता की समस्याओं से गायब हैं। महिलाओं का कहना था कि जब वोट मांगने का समय होता है, तब नेता घर-घर पहुंचते हैं, लेकिन अब सफाई जैसी बुनियादी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जिला प्रशासन से मांग की कि नियमित कचरा उठान, नालियों की सफाई और सैनिटेशन कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों ने भी महिलाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि स्वच्छता किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि पूरे शहर की समस्या है। नागरिकों का कहना है कि लगातार अनदेखी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और अब प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे।
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