तिरंगा फहराने की सूची से दोबारा बाहर रहे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत, कार्यालय ने दी सफाई
गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने को लेकर जारी दूसरी सूची में भी केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह का नाम शामिल न होने से सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हरियाणा सरकार की ओर से जारी सूची में लगातार दूसरी बार उनका नाम न आने को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इसे राव इंद्रजीत के लिए सरकार की ओर से एक तरह का झटका भी बताया जा रहा है।
पहली सूची में नाम न होने के बाद यह माना जा रहा था कि संशोधित या दूसरी सूची में उन्हें शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे उनके समर्थकों और क्षेत्रीय नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं और केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनका नाम सूची से बाहर रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
इस पूरे मामले पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कार्यालय की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि 26 जनवरी को दिल्ली में पहले से ही उनका आधिकारिक कार्यक्रम तय है, जिसके चलते वे हरियाणा में किसी जिला स्तरीय समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसी वजह से तिरंगा फहराने की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केवल कार्यक्रम का हवाला देकर इस मुद्दे को पूरी तरह टाला नहीं जा सकता। उनका कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहराना एक प्रतीकात्मक और सम्मानजनक जिम्मेदारी होती है, और किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री का नाम लगातार दो सूचियों से बाहर रहना असामान्य है।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह मामला केवल प्रोटोकॉल का नहीं, बल्कि अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी हो सकता है। वहीं, सरकार की ओर से फिलहाल इस पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आता है या मामला यहीं शांत हो जाता है।
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