फर्जी डिग्री के सहारे यूके पहुंचा युवक डिपोर्ट, 19 लाख में एजेंट ने तैयार कराए दस्तावेज
हरियाणा के करनाल जिले से जुड़ा फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के एक युवक ने जाली शैक्षणिक डिग्री के आधार पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) का वीजा हासिल किया, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आने के बाद उसे वहां से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया। मामले के उजागर होने के बाद अब एजेंट और युवक दोनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार युवक विदेश में बेहतर भविष्य की तलाश में यूके जाना चाहता था, लेकिन शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण उसने गलत रास्ता अपनाया। उसने एक एजेंट से संपर्क किया, जिसने 19 लाख रुपये में सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कराने का भरोसा दिया। एजेंट ने युवक के लिए फर्जी डिग्री, मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार कराए, जिनके आधार पर वीजा आवेदन किया गया।
शुरुआत में युवक यूके पहुंचने में सफल रहा, लेकिन वहां इमिग्रेशन विभाग को उसके दस्तावेजों पर शक हुआ। विस्तृत जांच के दौरान कागजात फर्जी पाए गए, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर भारत डिपोर्ट कर दिया गया। यूके से वापस आने के बाद जब मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में आया, तो जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने एजेंट द्वारा फर्जी दस्तावेज बनवाने की बात कबूल की है। एजेंट पर आरोप है कि उसने मोटी रकम लेकर युवक को गुमराह किया और गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजने का प्रयास किया। पुलिस अब इस नेटवर्क की भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
अधिकारियों ने युवाओं को चेतावनी दी है कि विदेश जाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेना न केवल अपराध है, बल्कि इससे भविष्य भी बर्बाद हो सकता है। ऐसे मामलों में न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी का सामना भी करना पड़ता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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