एसवाईएल कॉरिडोर में नियमों को दरकिनार कर विकसित हुई कॉलोनियां
सतलुज–यमुना लिंक (SYL) नहर से जुड़े क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और कॉलोनियों के विकसित होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नहर के निर्धारित दायरे और आसपास की जमीन पर नियमों को नजरअंदाज करते हुए प्लॉट काट दिए गए हैं। कई जगहों पर लोगों ने न केवल प्लॉट खरीदे, बल्कि पक्के मकान भी बना लिए हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में इस इलाके में तेजी से कॉलोनियां विकसित हुईं। बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों ने नहर क्षेत्र की जमीन को रिहायशी बताकर लोगों को बेच दिया। कई खरीदारों ने बिना यह जाने कि जमीन SYL क्षेत्र में आती है, वहां निवेश कर दिया और अब वे असमंजस की स्थिति में हैं। कुछ स्थानों पर बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित कर दी गई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, SYL नहर क्षेत्र में किसी भी तरह का स्थायी निर्माण प्रतिबंधित है। यह जमीन नहर परियोजना और उससे जुड़े कार्यों के लिए आरक्षित मानी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई अवैध कॉलोनियों और निर्माण की जानकारी मिली है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें अवैध निर्माण को हटाना, कॉलोनाइजरों के खिलाफ केस दर्ज करना और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शामिल हो सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन परिस्थितियों में इतने बड़े स्तर पर अवैध बसावट विकसित हो गई।
इस मामले ने एक बार फिर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की समस्या को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे निर्माण बढ़ते जाते हैं और बाद में आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। फिलहाल SYL क्षेत्र में हो रहे निर्माण को लेकर प्रशासन की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस पर ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।
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