रात के समय प्लांट से छोड़ा गया पानी, 10 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित; किसानों में चिंता
यमुनानगर में एक गंभीर मामले में किसानों की फसलों को खतरा पैदा हो गया है। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी खेतों में घुस गया, जिससे लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई। स्थानीय किसानों का कहना है कि पानी रात के समय छोड़ा गया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
किसानों ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला पानी सीधे खेतों में पहुंच गया। यह पानी सामान्य कृषि योग्य पानी नहीं था, बल्कि इसमें रासायनिक तत्व और मल-मूत्र के अवशेष हो सकते हैं। उनका कहना है कि इस पानी के संपर्क में आने से सरसों, गेहूं और अन्य फसलें खराब हो सकती हैं।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन और प्लांट प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें इस पानी को छोड़ने से पहले सूचित नहीं किया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नुकसान की भरपाई और भविष्य में सुरक्षित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्लांट अधिकारियों का कहना है कि यह पानी सामान्य सीवरेज ट्रीटमेंट का हिस्सा था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण खेतों में चला गया। उन्होंने प्रभावित किसानों से मुआवजा और नुकसान की जांच का आश्वासन दिया।
स्थानीय प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कृषि विभाग की टीम ने फसलों की सुरक्षा और संभावित नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही समाधान निकालने के लिए किसानों और प्लांट प्रबंधन के साथ बैठक की जाएगी।
इस घटना ने यह चिंता बढ़ा दी है कि यदि ट्रीटमेंट प्लांट और कृषि भूमि के बीच सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो किसानों की फसल और जीवन-यापन दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाले पानी को नियंत्रित न किया गया तो यह केवल यमुनानगर नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी कृषि भूमि को प्रभावित कर सकता है।
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