भिवानी में प्राचीन मंदिर को लेकर बवाल: अवैध कब्जे और छतरियां तोड़ने के आरोप, दोनों पक्ष आमने-सामने
हरियाणा के भिवानी जिले में करीब 235 साल पुराने एक ऐतिहासिक मंदिर को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर परिसर में अवैध कब्जा करने और धार्मिक छतरियों को तोड़ने के आरोपों के बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है और पीढ़ियों से यहां पूजा-अर्चना होती आ रही है। हाल ही में मंदिर परिसर को लेकर कुछ लोगों द्वारा निर्माण और तोड़फोड़ किए जाने का आरोप सामने आया। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि आरोपित पक्ष ने बिना अनुमति मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और वहां बनी पुरानी छतरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे श्रद्धालुओं में भारी रोष फैल गया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब मंदिर समिति और आरोपित पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया और दोनों पक्षों को शांत कराया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंदिर से जुड़े प्रतिनिधियों की शिकायत पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इस तरह के विवाद न केवल आस्था को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बिगाड़ते हैं।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर कितनी सतर्कता बरती जा रही है।
![]()











