आपसी भेदभाव भुलाकर भाईचारे को बढ़ावा दें: बचन सिंह आर्य
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के आर्य सदन में वीरवार को नववर्ष का स्वागत पूरे श्रद्धा, उल्लास और वैदिक परंपरा के साथ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आयोजित विशाल हवन-यज्ञ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस भव्य समारोह की अध्यक्षता पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने की, जबकि आचार्य पुरुषोत्तम के सानिध्य में यज्ञ संपन्न कराया गया। हवन-यज्ञ में पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य, युवा आर्य संगठन के अध्यक्ष अशोक आर्य सहित क्षेत्रभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य का फूल मालाओं और पगड़ी पहनाकर जोरदार अभिनंदन किया तथा उन्हें नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में बचन सिंह आर्य ने कहा कि नववर्ष के पावन अवसर पर आयोजित यह हवन-यज्ञ हर व्यक्ति के मन में सात्विक नवऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि नए वर्ष की शुरुआत हमें सेवा, सहयोग और सद्भाव के संकल्प के साथ करनी चाहिए। गरीबों और रोगियों की सहायता, अधिक से अधिक वृक्षारोपण, समाज में आपसी प्रेम और विश्वास को मजबूत करना तथा शिक्षा के प्रसार को प्राथमिकता देना आज की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का भाव ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार है। हम सभी को वर्षभर पूरी पारदर्शिता, तत्परता और ईमानदारी के साथ जनकल्याण से जुड़े कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। पूर्व मंत्री ने दोहराया कि वे सफीदों क्षेत्र के विकास और उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि इस नववर्ष पर हम सब प्रेरणा लें कि आपसी सद्भावना, प्यार और भाईचारे को बढ़ावा देंगे तथा वर्षभर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।सहायता, वृक्षारोपण, समाज में प्यार और विश्वास बढ़ाने के प्रयास तथा शिक्षा के प्रसार जैसे कार्यों को बढ़ावा देना होगा। हम सबका उद्देश्य ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ को चरितार्थ करना होना चाहिए। हम साल भर पूरी तत्परता और पारदर्शिता के साथ जनकल्याण से जुड़ी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की मुहिम में और अधिक तीव्रता लाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा सफीदों क्षेत्र के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित हूं। कैसी भी परिस्थितियां आ जाएं स्वच्छ और ईमानदार राजनीति से कभी समझौता नहीं करूंगा और विकास और जनसेवा के मामलों में कार्यकर्ता की साख को कम नहीं होने दूंगा। इस दिन पर प्रेरणा लेनी चाहिए कि आपसी सद्भावना व प्यार-प्रेम को बढ़ावा देंगे और वर्षभर सामाजिक कार्यों में हाथ बढ़ाएंगे।
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