ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन में एवीटी स्टाफ की बड़ी सफलता
सफीदों : ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन के तहत एवीटी स्टाफ ने एक बड़ी आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करते हुए हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ने प्रैस वार्ता में बताया कि 29 नवंबर 2025 को एवीटी स्टाफ ने अवैध असला सहित आरोपी प्रवीण उर्फ पीना वासी हाट को काबू किया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह और उसके साथी मिलकर जमीनी विवाद के चलते विक्रम वासी मलिकपुर की हत्या करने के लिए सुपारी पर काम कर रहे थे। इस संबंध में थाना सदर सफीदों में मुकदमा नंबर 363 दिनांक 28.11.2025 धारा 109(1), 115, 351(3), 61 बीएनएस दर्ज है। प्रभावी कार्रवाई करते हुए एवीटी स्टाफ ने हत्या की साजिश के मुख्य सूत्रधार जगतार वासी खरकड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी का मकसद एक बड़ी वारदात को अंजाम देना था।
जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने ली खतरनाक शक्ल
जगतार की शादी मलिकपुर में हुई है, जहां उसकी पत्नी, सास और रिश्तेदार रहते हैं। उसकी पत्नी के नाम जमीन होने के कारण परिवार में बंटवारे को लेकर काफी तनव चला आ रहा था। इसी दौरान उसके साले के बेटे विक्रम ने उसकी बेइज्जती की, जिससे आहत होकर उसने उसकी हत्या का षड्यंत्र रच डाला। जगतार ने विक्रम की मोटरसाइकिल में जीपीएस डिवाइस लगवा दी और लोकेशन पर नजर रखता रहा। उसने 4 – 5 साथियों के साथ मिलकर 25 लाख रुपये की सुपारी तय की, जिसमें से 5 लाख रुपये वह पहले ही दे चुका था।
सड़क हादसे जैसा रचाया जाना था पूरा षड्यंत्र
पुलिस जांच में सामने आया कि 10 नवंबर 2025 को सफीदों में विक्रम मिलने पर जगतार ने अपने साथियों को सूचना दी। योजना के अनुसार विक्रम के पीछे गाड़ी लगाई गई और प्रवीण उर्फ पीना ने उसकी मोटरसाइकिल को जानबूझकर जोरदार टक्कर मारी। विक्रम उछलकर बोनट पर गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जगतार मौके पर पहुंचकर हत्या की कोशिश को सड़क हादसा बताने का ड्रामा करता रहा। वह खुद विक्रम को अस्पताल ले गया और हर संभव तरीके से मेडिकल या पुलिस रिपोर्ट दर्ज न होने दी।
एवीटी स्टाफ ने जगतार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर अन्य आरोपियों, सुपारी नेटवर्क और वारदात की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
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