पराली रोकने पर हुआ विवाद
बहादुरगढ़ के रोहद गांव में पराली जलाने से रोकने गए एक कृषि पर्यवेक्षक पर किसानों द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है। कृषि विभाग की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक खेतों में巡शील कार्यवाही कर रहे थे, तभी उन्होंने कुछ किसानों को पराली जलाते देखा। जब उन्होंने उन्हें पराली जलाने के नुकसान और कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया, तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया।
बताया गया कि किसान पहले तो जांच में सहयोग करते दिखे, लेकिन थोड़ी ही देर में बहसबाजी बढ़ गई। स्थिति बिगड़ते ही कुछ किसानों ने कृषि पर्यवेक्षक के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। आरोप है कि किसानों ने पर्यवेक्षक को गंभीर धमकियां भी दीं और कहा कि दोबारा खेतों में देखा तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।
हमले के बाद कृषि पर्यवेक्षक ने किसी तरह वहां से निकलकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। विभाग ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि पराली जलाना अपराध है और इसकी मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारी पर हमला गंभीर मामला है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ़्तारी होगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है और इसे रोकने के लिए टीमों को गांव-गांव भेजा जाता है। उन्होंने मांग की कि हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों संभव हैं।
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