बवानीखेड़ा में जलभराव के खिलाफ धरने का ऐलान, वर्षों से अंडरपास बना परेशानी का कारण
भिवानी जिले में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बवानीखेड़ा क्षेत्र में वर्षों से अंडरपास में भरे पानी से परेशान ग्रामीणों ने अब धरना देने का फैसला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास में पानी जमा रहने के कारण राहगीरों, किसानों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पानी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन बंद हो जाते हैं और लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी पार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अंडरपास गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने का प्रमुख रास्ता है। इसके बंद या बाधित होने से बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंच प्रभावित होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग केवल अस्थायी उपाय कर इतिश्री कर लेता है, जबकि जलनिकासी की ठोस व्यवस्था आज तक नहीं की गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बवानीखेड़ा में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रशासन इस समस्या का स्थायी हल नहीं निकालता। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जलभराव के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे।
वहीं प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मामले को लेकर संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि धरने की घोषणा के बाद प्रशासन हरकत में आएगा और वर्षों पुरानी समस्या से उन्हें राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने अपील की है कि विकास कार्यों में केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी दोबारा न हो।
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