बिहार कैबिनेट ने दी शिक्षकों के 1.78 लाख पदों की मंजूरी, वेतन भी किया तय

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों के एक लाख 78 हजार पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। अब इतने पदों पर बीपीएससी नियुक्ति करेगी। मई माह के अंत तक इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू होने की उम्मीद है। प्राप्त  जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के 1.78 लाख शिक्षकों के सृजित पदों में  पहली से पांचवी कक्षा के लिए 85477, छठी से आठवीं। के लिए 1745, नौवीं से  10 वीं तक के लिए 33186 और 11 से 12 तक के लिए 57618 शिक्षकों का पद है। इसके साथ ही इन शिक्षकों के लिए मूल वेतन पर भी मुहर लगाई गई है। इसमें 1 से 5 वीं के शिक्षकों को 25 हजार का मूल वेतन ,जबकि 6 से 8 क्लास को 28 हजार मूल बेतन, 9 से 10 वीं क्लास को 31 हजार और 11 से 12 क्लास के शिक्षकों को 32 हजार मुल बेतन मिलेगा। इन शिक्षकों के वेतन पर करीब 46 अरब से अधिक हर साल खर्च होगा। कैबिनेट ने इसके साथ ही कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी। पटना के बाद अब गया और मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र में डीजल वाले तिपहिया वाहनों पर रोक का निर्णय लिया गया है। 30 सितंबर 2023 के बाद इन दोनों नगर निगम क्षेत्रों में ऐसी गाड़ियां नहीं चलेंगी। इसके साथ ही, पटना, गया और मुजफ्फरपुर के डीजल चलित मालवाहक वाहनों के लिए अनुदान का भी प्रावधान कैबिनेट ने किया है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मिशन शक्ति योजना को अंगीकृत कर लिया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹59,80,52,417 के व्यय की स्वीकृति दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा के दौरान सामने आया था कि लोग मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छात्र योजना जारी रखना चाहते हैं। इसकी अभी सीमा को भी समाप्त करने की मांग आई थी। वहीं, कैबिनेट ने दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल उपलब्ध कराए जाने के प्रावधान में ₹10000 की अधिसीमा को समाप्त करते हुए योजना को चालू रखने की स्वीकृति दी। जबकि पंचायती राज विभाग में लेखपाल सह आईटी सहायक के 2096 पद सृजित किए हैं। उन्हें हर पंचायत में संविदा पर बहाल किया जाएगा। वहीं, बिहार में पंचायत सरकार बनाने के लिए कुल 2 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।

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