निरंकुश हो गयी है बिहार की सत्ता : विजय कुमार मंडल

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में बयानों को लेकर राजद विधायक सुधाकर सिंह का मामला अभी ठंढाया भी नहीं कि पार्टी एक और विधायक ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दिनारा के राजद विधायक विजय कुमार मंडल ने सोमवार को कहा है कि बिहार का जितना विकास होना चाहिए था वह नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि समाधान यात्रा के दौरान अगर नीतीश किसानों की समस्या का समाधान कर देते हैं तो वे बधाई के पात्र होंगे। बिहार विधानसभा परिसर में मौजूद पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा से बातचीत के दौरान राजद विधायक ने कहा कि बिहार की सत्ता निरंकुश हो गई है और जन कल्याण के लिए समय-समय पर सत्ता बदलती रहनी चाहिए। उन्होंने जीवेश मिश्रा से कहा कि बिहार की बदहाली के लिए आपलोग भी जिम्मेवार हैं, क्योंकि नीतीश कुमार को 17 वर्षों तक पालकर रखा। विजय कुमार मंडल ने कहा कि बिहार में सड़कों का विकास हो या बिजली की आपूर्ति, सब यूपीए सरकार की देन है और आज नीतीश कुमार यूपीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की उपलब्धि अपने नाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यूपीए सरकार और पूर्व की केंद्र सरकार के मंत्री रघुवंश सिंह के कामों का फायदा मिला है। राजद विधायक ने नीतीश कुमार के विकास के कामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 17 साल में बिहार का क्या विकास हुआ है ये सभी जानते हैं। विजय कुमार मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री निकले तो हैं, समाधान करने के लिए। लेकिन वे लोगों की समस्या का कितना समाधान कर पाते हैं, यह तो आनेवाला समय ही बताएगा? बिहार का विकास नहीं होने के लिए राजद भी जिम्मेवार है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की  कि वह इस यात्रा में अपने अफसरों पर लगाम लगाकर रखें। उन्होंने कहा कि बिहार प्रखंड से लेकर सचिवालय तक भ्रष्टाचार में डूब चुका है। किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है, यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री किस समस्या का समाधान करने के लिए निकले हैं? उन्हें किसानों की समस्या पर भी ध्यान देना होगा। किसानों को अपनी उपज का लागत तक नहीं मिल पा रहा है। राज्य के किसान काफी दुखी हैं, खाद की कालाबाजारी हो रही है। राजद विधायक ने कहा कि बिहार के किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। कम पैसों में उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाना भी है और उन्हें अपनी जीविका भी चलानी है। बिहार में अगर सबसे गरीब कोई है तो वे किसान हैं। किस तरह से वे अपने जीवन को चला रहे हैं, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता है।

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