भाजपा ने जहरीली शराब से मौत मामले में राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

Desk Editor
Desk Editor 3 Min Read

पटना: भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात कर उनसे छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।  भाजपा के विधायकों ने सदन से वाक आउट कर  विधानसभा से बाहर निकलने के बाद  राजभवन के लिए पैदल मार्च किया। इस दौरान भाजपा विधायकों के ‘इस्तीफा दो-इस्तीफा दो’ के नारे की गूंज विधान मंडल परिसर से लेकर पटना की सड़कों पर सुनाई दी। नारों की गूंज के साथ भाजपा विधायक राजभवन पहुंचें और राज्यपाल फागू चौहान को एक ज्ञापन सौंपा। इस बीच राजभवन के गेट पर अंदर जाने को लेकर विधायकों के साथ धक्का-मुक्का हो गई, जिससे नाराज नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन के लोग विधायकों के साथ धक्का-मुक्की करेंगो तो यह अच्छी बात नहीं है। राजभवन पहुंचे भाजपा विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने जहरीली शराब से हो रही मौतों को लेकर राज्यपाल से दखल देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा, विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी, नंद किशोर यादव सहित कई अन्य विधायक शामिल थे।  राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यहां शराब पीकर अब तक सैकड़ों लोग मर चुके हैं। हर दिन पटना में हत्याएं हो रही है। लेकिन बिहार सरकार इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। ऐसे में अब राज्यपाल को ही इस मामले में दखल देना होगा। हमारी मांग है कि जिस तरह से बिहार में शराब से मौतें हुई है, उसको लेकर राज्यपाल नीतीश सरकार को बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि छपरा में जिस तरह से 57 लोगों की मौत हुई है, वह कोई सामान्य घटना नहीं है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बयान दे रहे हैं कि पीने वाला मरेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्थानीय लोगों ने पुलिस आरोप लगाया है कि थाने में जब्त की गई स्प्रिट को पुलिस ने शराब कारोबारियों को बेच दी थी। उसी स्प्रिट से शराब बनाई गई, जिससे इतने लोगों की जान चली गई है। अगर इसमें सच्चाई है तो प्रशासन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए बिहार के स्वास्थय विभाग की लापरवाही है। इसके अलावा गैर जिम्मेदार प्रशासन की भी मिलीभगत है। सरकार मृतकों को दस लाख मुआवजा और उनके परिवार को रोज़गार के अवसर दे। ये मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी थी कि अगर बिहार में शराबबंदी लागू है तो शराब की बिक्री न हो।

Share This Article
Leave a comment