सुरक्षा बलों की मौजूदगी में आवास और कार्यस्थल की गहन तलाशी
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में उस समय राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई, जब एक पूर्व मंत्री के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने दबिश दी। यह कार्रवाई सुबह के समय शुरू हुई, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात रहे। एजेंसी की टीम ने पूर्व मंत्री के आवास और उनसे जुड़े कार्यालय परिसरों की बारीकी से जांच की।
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री की पड़ताल की गई। टीम ने कई घंटों तक परिसर के भीतर रहकर अलमारियों, फाइलों और कंप्यूटर सिस्टम की जांच की। इस दौरान बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आसपास के इलाके में पुलिस बल की तैनाती के चलते आम लोगों की आवाजाही सीमित रही।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। हालांकि, एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच किस विशेष मामले से संबंधित है। पूर्व मंत्री या उनके प्रतिनिधियों की ओर से भी फिलहाल कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई का असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्षी दलों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि एजेंसी पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रही है और जांच का दायरा केवल तथ्यों तक सीमित है।
कार्रवाई के बाद टीम जब्त किए गए रिकॉर्ड को साथ लेकर रवाना हो गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ या समन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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