एस्टेट ऑफिस की शर्तों से फंसी प्रक्रिया, खरीदारों और बिल्डरों की बढ़ी चिंता
चंडीगढ़ में प्रस्तावित एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की जमीन की नीलामी पर रोक लगा दी गई है, जिससे आवासीय विकास से जुड़ी योजनाएं अधर में लटक गई हैं। इस बार नीलामी रुकने की मुख्य वजह एस्टेट ऑफिस द्वारा रखी गई कुछ शर्तें बताई जा रही हैं, जिन पर सहमति नहीं बन पाई है।
जानकारी के अनुसार, CHB द्वारा जिस जमीन को नीलामी के लिए तैयार किया गया था, उस पर आवासीय परियोजना विकसित की जानी थी। इससे न केवल शहर में मकानों की उपलब्धता बढ़ती, बल्कि सरकारी राजस्व में भी इजाफा होता। हालांकि, एस्टेट ऑफिस ने जमीन के उपयोग, लीज की शर्तों और निर्माण से जुड़े नियमों को लेकर आपत्ति जताई, जिसके चलते नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि एस्टेट ऑफिस चाहता है कि जमीन आवंटन से पहले सभी कानूनी और नियामकीय पहलुओं को स्पष्ट किया जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न खड़ा हो। वहीं, CHB अधिकारियों का मानना है कि बार-बार शर्तों में बदलाव से न केवल प्रक्रिया लंबी हो रही है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।
इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े बिल्डरों और संभावित खरीदारों में मायूसी है। कई लोगों को उम्मीद थी कि इस प्रोजेक्ट के जरिए चंडीगढ़ में मध्यम वर्ग के लिए नए घर उपलब्ध होंगे। हाउसिंग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे प्रोजेक्ट लगातार अटकते रहे, तो शहर में आवास की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल CHB और एस्टेट ऑफिस के बीच बातचीत जारी है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद ही नीलामी प्रक्रिया को दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर यह माना जा रहा है कि जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि हाउसिंग प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
![]()











