नगर निगम में करोड़ों की अनियमितता का मामला गरमाया

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Chandigarh municipal corporation scam

जवाबदेही तय करने की मांग तेज

Chandigarh नगर निगम में कथित तौर पर सामने आए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में करीब 116 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

मामले को लेकर विपक्ष ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दल के नेताओं का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ अधिकारी दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने नहीं आती। विपक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।

दूसरी ओर नगर निगम के मेयर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। मेयर का कहना है कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है। इसी वजह से मामले की जांच का दायरा व्यापक किया जा सकता है। वित्तीय लेनदेन और संबंधित फाइलों की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं।

राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि यदि घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे इस मुद्दे को और जोर-शोर से उठाएंगे।

फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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