मेयर पेश करेंगे नई नीतियां, 17 एजेंडों पर फैसले के बीच हंगामे की संभावना
चंडीगढ़ नगर निगम की आगामी बैठक में जोरदार हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। बैठक के दौरान कथित घोटाले को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। इस मुद्दे पर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है, जिससे बैठक के दौरान टकराव बढ़ सकता है।
इस बैठक में मेयर द्वारा टॉयलेट पॉलिसी और डिजिटल सिटी मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी बनाना है। हालांकि, घोटाले के मुद्दे के चलते इन प्रस्तावों पर चर्चा प्रभावित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगनी है। इनमें शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं। लेकिन विपक्ष का रुख देखते हुए यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बैठक शांतिपूर्ण ढंग से पूरी नहीं हो पाएगी।
विपक्षी पार्षद घोटाले के मामले को लेकर जवाब मांगने की तैयारी में हैं और वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। वहीं, सत्तापक्ष इन आरोपों का जवाब देने और अपने प्रस्तावों को पारित कराने की कोशिश करेगा।
नगर निगम की बैठकें पहले भी विवादों के कारण सुर्खियों में रही हैं, और इस बार भी स्थिति अलग नहीं दिख रही। प्रशासन की ओर से बैठक को सुचारू रूप से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक माहौल को देखते हुए हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह बैठक शहर के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों के लिए महत्वपूर्ण है। अब देखना यह होगा कि राजनीतिक विवादों के बीच ये प्रस्ताव पास हो पाते हैं या नहीं।
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