गरीब मरीज सहायता निधि में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, अदालत के आदेश का असर

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Chandigarh PGI

डिफॉल्टरों से वसूले गए जुर्माने की राशि जमा होने से कोष में 179% उछाल

चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के गरीब मरीज कल्याण कोष में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, इस फंड में 179 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के पीछे अदालत का एक अहम निर्देश माना जा रहा है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि विभिन्न मामलों में डिफॉल्टरों से वसूले गए जुर्माने की राशि गरीब मरीज कल्याण कोष में जमा कराई जाए। इस आदेश के बाद संबंधित प्राधिकरणों ने जुर्माना राशि को नियमित रूप से फंड में स्थानांतरित करना शुरू किया, जिससे कोष की रकम में बड़ा उछाल आया।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बढ़ी हुई राशि का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के इलाज, दवाइयों, जांच और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं पर किया जाएगा। PGI जैसे बड़े तृतीयक चिकित्सा संस्थान में दूर-दराज के राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिनमें कई ऐसे होते हैं जो महंगे इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाते।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की न्यायिक पहल से सामाजिक न्याय को बल मिलता है और जरूरतमंद मरीजों को सीधा लाभ मिलता है। फंड में वृद्धि से अधिक मरीजों को सहायता मिल सकेगी और गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक बाधाएं कम होंगी।

अस्पताल प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में फंड के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि सहायता राशि का अधिकतम लाभ पात्र मरीजों तक पहुंच सके।

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