पहली अप्रैल से लागू होंगे संशोधित कलेक्टर रेट, रजिस्ट्री पर पड़ेगा सीधा असर
चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रशासन ने कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी का फैसला लिया है, जो 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। इस निर्णय के बाद अब संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
कलेक्टर रेट बढ़ने का सीधा असर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर पड़ेगा। नए रेट लागू होने के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा। प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह कदम बाजार की वास्तविक कीमतों के अनुरूप दरों को अपडेट करने के लिए उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू और कलेक्टर रेट के बीच अंतर बढ़ गया था, जिसे संतुलित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इससे सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
हालांकि, इस बढ़ोतरी का असर आम खरीदारों और निवेशकों पर पड़ेगा। खासतौर पर वे लोग जो जल्द प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अधिक खर्च उठाना पड़ सकता है। रियल एस्टेट सेक्टर में भी इस बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है।
प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि रेट बढ़ने से शुरुआती दौर में खरीद-बिक्री की रफ्तार पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह बाजार को स्थिर बनाने में मदद करेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी लेन-देन नए कलेक्टर रेट के अनुसार ही किए जाएंगे और नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला प्रॉपर्टी बाजार में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा, जिसका असर खरीदारों, विक्रेताओं और निवेशकों सभी पर पड़ेगा।
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