Chandigarh में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित नीति के तहत अब शहर की आलीशान कोठियों में भी पर्यटक ठहर सकेंगे। प्रशासन ने इस पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे लागू होने के बाद होटल इंडस्ट्री के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत कोठी मालिक अपनी संपत्ति के कुछ हिस्से को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करा सकेंगे। इससे जहां सैलानियों को महंगे होटलों के मुकाबले कम खर्च में लग्जरी रहने का अनुभव मिलेगा, वहीं कोठी मालिकों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी तैयार होगा।
सूत्रों के अनुसार, इस नीति में सुरक्षा, रजिस्ट्रेशन और सुविधाओं से जुड़े कई नियम तय किए जाएंगे। केवल उन्हीं कोठियों को अनुमति दी जाएगी जो निर्धारित मानकों को पूरा करेंगी। साथ ही, पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सख्त निगरानी व्यवस्था भी लागू करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से शहर में होम-स्टे और वैकल्पिक आवास व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यटन क्षेत्र में विविधता आएगी और अधिक संख्या में पर्यटक आकर्षित हो सकते हैं।
हालांकि, कुछ लोगों ने इस प्रस्ताव को लेकर चिंताएं भी जताई हैं, जैसे कि रिहायशी इलाकों में भीड़ बढ़ने और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम नीति तैयार की जाएगी।
फिलहाल, यह पहल Chandigarh के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का काम करेगी।
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