124वीं जयंती पर जाट धर्मशाला में कार्यक्रम, धर्मार्थ सभा के प्लाट की चारदीवारी के लिए 11 लाख की घोषणा
जींद : भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 124वीं जयंती मंगलवार को जाट धर्मशाला में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सोनीपत लोकसभा से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता जाट धर्मार्थ सभा के प्रधान फूल कुमार मोर ने की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल सिहाग, युवा नेता दीपक पिंडारा और सतरोल खाप के प्रधान संदीप खर्ब विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत हवन यज्ञ से हुई, जिसमें सभा के कार्यकारिणी सदस्यों व समाज के प्रबुद्ध लोगों ने आहुतियां डालीं और चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंच संचालन सभा के सचिव यादवेंद्र खर्ब ने किया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने जाट धर्मार्थ सभा के सीआरएसयू के पास स्थित प्लाट की चारदीवारी निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में अतिरिक्त राशि की आवश्यकता पड़ी तो वह अपने सांसद कोटे से सहयोग करेंगे। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल सिहाग ने अपने पिता की स्मृति में 51 हजार रुपये और दीपक पिंडारा ने 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने किसान, मजदूर, गरीब सहित 36 बिरादरी और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को चौधरी चरण सिंह के विचारों और संस्कारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। सांसद ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में जाट समाज का बड़ा योगदान रहा है। सोनीपत लोकसभा चुनाव में जाट समाज के 95 प्रतिशत लोगों ने उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि हरिद्वार नगर पालिका चेयरमैन रहते हुए उन्होंने वीआईपी घाट का नाम चौधरी चरण सिंह किसान घाट रखने का कार्य किया, वहीं कांग्रेस सरकार ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नाम से भी घाट का निर्माण कराया। प्रदेश में बयानों को लेकर चल रहे विवाद पर बिना किसी का नाम लिए सांसद ने कहा कि सभी सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तियों को अपनी वाणी में संयम रखना चाहिए और समाज को तोड़ने वाली भाषा से बचना चाहिए।
सभा के प्रधान फूल कुमार मोर ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के विचारों का प्रतीक थे। उन्होंने अपने लेखन और नीतियों के माध्यम से भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में स्थायी योगदान दिया। इस अवसर पर सभा के कोषाध्यक्ष डॉ. बलवंत सिंह, यादवेंद्र खर्ब, सदस्य शिशपाल लोहान, एडवोकेट वीरेंद्र लाठर, आजाद लाठर, ओम सिंह पिलानिया, अनिल मलिक, प्रदीप जागलान, सुमनलता आर्य, रणधीर सिंह रेढू, कंडेला खाप प्रधान ओमप्रकाश रेढू सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
![]()











