चंडीगढ़ प्रशासक ने कुछ शर्तों के साथ दी मंजूरी; सुझावों को किया स्वीकार
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की संशोधित ‘नीड बेस्ड चेंजेज’ नीति को प्रशासक की मंजूरी मिल गई है। यह नीति कुछ शर्तों और दिशा-निर्देशों के साथ लागू की जाएगी, ताकि शहर की मूल वास्तु संरचना और नियोजन सिद्धांतों को प्रभावित किए बिना आवासीय जरूरतों को पूरा किया जा सके।
प्रशासन के अनुसार, नीति में मिले सुझावों पर विचार करने के बाद आवश्यक संशोधन किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत मकान मालिकों को सीमित दायरे में संरचनात्मक बदलाव की अनुमति मिलेगी, लेकिन इसके लिए पूर्व स्वीकृति और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
नीति का उद्देश्य पुराने मकानों में बढ़ती पारिवारिक जरूरतों के अनुसार बदलाव की सुविधा देना है, साथ ही अवैध निर्माण और अनियोजित विस्तार पर रोक लगाना भी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बदलाव से शहर की विरासत पहचान, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक स्थान प्रभावित नहीं होने चाहिए।
प्राधिकरण द्वारा तय की गई शर्तों में भवन की ऊंचाई, कवरेज एरिया, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संशोधित नीति से लंबे समय से लंबित मामलों को राहत मिलेगी और कानूनी रूप से स्वीकृत बदलाव का रास्ता साफ होगा। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
नई नीति लागू होने के बाद शहर में आवासीय संरचनाओं के नियमन और विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
![]()











