चेक बाउंस के 22 मामलों में महिला दोषी

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cheque bounce

कोर्ट ने सुनाई एक साल की सजा, ब्याज समेत राशि चुकाने के आदेश

चंडीगढ़ : चेक बाउंस के लगातार मामलों पर सख्ती दिखाते हुए चंडीगढ़ की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चेक बाउंस के 22 अलग-अलग मामलों में एक महिला को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित पक्ष को ब्याज समेत पूरी रकम का भुगतान करने के भी आदेश दिए हैं।

अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड के अनुसार, महिला ने लेन-देन के दौरान अलग-अलग तारीखों में कुल 22 चेक जारी किए थे। जब ये चेक बैंक में लगाए गए तो सभी अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए। बार-बार भुगतान के लिए कहने और कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद महिला ने न तो राशि लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में शिकायत दर्ज करवाई।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने बैंक रिकॉर्ड, चेक, मेमो, कानूनी नोटिस और गवाहों के बयानों का बारीकी से अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि आरोपी महिला के खिलाफ आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं और उसने जानबूझकर भुगतान से बचने का प्रयास किया।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि चेक बाउंस जैसे मामलों से व्यापारिक और सामाजिक विश्वास को गहरा नुकसान पहुंचता है। ऐसे अपराधों में नरमी बरतना गलत मिसाल कायम करेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने महिला को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही निर्देश दिए कि वह पीड़ित को मूल राशि के साथ तय ब्याज भी अदा करे।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी महिला तय समय में भुगतान नहीं करती है तो उसके खिलाफ आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले को चेक बाउंस मामलों में एक अहम नजीर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वालों को कड़ा संदेश गया है।

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