मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, लापरवाही पर नहीं मिलेगी राहत

13
Chief Minister Statement

अधिकारियों को चेतावनी, अनुशासन और जवाबदेही पर दिया जोर

राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक जूनियर इंजीनियर को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी मामले में दोबारा शिकायत सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। मुख्यमंत्री का यह बयान मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साफ संदेश माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। लापरवाही या टालमटोल से न केवल सरकार की छवि खराब होती है, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी टूटता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि काम में ढिलाई या गलत रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक अन्य संवेदनशील मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मामला सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और सख्त कदम सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा का माहौल होना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री की इस सख्ती को सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियों से अधिकारियों में जवाबदेही का दबाव बढ़ेगा और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

कार्यक्रम के बाद यह संदेश साफ हो गया कि सरकार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई के जरिए व्यवस्था सुधारने के मूड में है। आने वाले समय में अधिकारियों और कर्मचारियों से और अधिक जिम्मेदारी की उम्मीद की जा रही है।

Loading