सरकारी अफसरों की संपत्ति की होगी जांच, हरियाणा सरकार ने मांगा पूरा ब्यौरा

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मुख्य सचिव के आदेश, 31 तारीख तक देनी होगी प्रॉपर्टी जानकारी

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी अधिकारियों से उनकी चल-अचल संपत्ति का पूरा विवरण मांगा गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव (CS) की ओर से औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा तक जानकारी न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आदेशों के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को 31 तारीख तक अपनी प्रॉपर्टी डिटेल सरकार के समक्ष जमा करानी होगी। इसमें उनके नाम पर दर्ज जमीन, मकान, फ्लैट, प्लॉट सहित अन्य अचल संपत्तियों के साथ-साथ चल संपत्तियों का विवरण भी शामिल होगा। अधिकारियों को यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में विभाग को सौंपनी होगी।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। समय-समय पर संपत्ति विवरण मांगना नियमों का हिस्सा है, लेकिन इस बार सरकार इसे सख्ती से लागू करने के मूड में दिखाई दे रही है। इसी वजह से आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह की ढिलाई या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बताया जा रहा है कि पहले भी कई बार अधिकारियों से संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया था, लेकिन कुछ मामलों में जानकारी समय पर जमा नहीं कराई गई। इस बार सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों से विवरण एकत्र कर समयसीमा के भीतर मुख्यालय को भेजें।

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से अफसरशाही में अनुशासन बढ़ेगा और अनियमितताओं पर रोक लगेगी। वहीं, अधिकारियों में भी इस आदेश के बाद हलचल देखी जा रही है। सरकार का संदेश साफ है कि पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।

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